Hindi Shayari: Narendra Modi

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Saugandh Mujhe Is Mitti Ki Lyrics - PM Narendra Modi

May 07, 2020 0
Saugandh Mujhe Is Mitti Ki Lyrics - PM Narendra Modi Movie सौगंध मुझे इस मिट्टी की मैं देश नही मिटने दूँगा गीत के बोल हिंदी में Namo
Saugandh Mujhe Is Mitti Ki Lyrics - PM Narendra Modi

संक्षिप्त जानकारी - 'सौगंध मुझे इस मिट्टी की' इस गीत के बोल फिल्म पी. एम. नरेंद्र मोदी से लिए गए है। गीतकार प्रसून जोशी के इस गीत को सुखविंदर सिंह और शशि सुमन ने गाया है। और संगीत शशि-ख़ुशी द्वारा दिया गया है। पी एम् नरेंद्र मोदी जी की शीर्ष भूमिका अभिनेता विवेक ओबेरॉय ने साकार की है।

सौगंध मुझे इस मिट्टी की गीत के बोल हिंदी में


सौगंध मुझे इस मिट्टी की
मैं देश नही मिटने दूँगा
ये देश नही मिटने दूँगा
ये देश नही झुकने दूँगा

सौगंध मुझे इस मिट्टी की
मैं देश नही मिटने दूँगा
मैं देश नही मिटने दूँगा

मेरी धरती मुझसे पूछ रही
कब मेरा कर्ज़ चुकाओगे

मेरा अंबर मुझसे पूछ रहा
कब अपना धर्म निभाओगे

मैने वचन दिया भारत माँ को
वचन दिया भारत माँ को
तेरा शीश नही झुकने दूँगा

सौगंध मुझे इस मिट्टी की
मैं देश नही मिटने दूँगा
ये देश नही मिटने दूँगा
ये देश नही झुकने दूँगा

वो जीतने अँधेरे लाएँगे
मैं उतने उजाले लाऊँगा

वो जितनी रात बढ़ाएँगे
मैं उतने सूरज उगाऊँगा

इस छल फरेब की आँधी में
छल फरेब की आँधी में
ये दीप नही बुझने दूँगा

सौगंध मुझे इस मिट्टी की
मैं देश नही मिटने दूँगा
ये देश नही मिटने दूँगा
ये देश नही झुकने दूँगा

सौगंध मुझे इस मिट्टी की
मैं देश नही मिटने दूँगा
ये देश नही मिटने दूँगा
ये देश नही झुकने दूँगा

वन्दे मातरम
वन्दे मातरम
वन्दे मा~~~

गीत - सौगंध मुझे इस मिट्टी की
गायक - सुखविंदर सिंह, शशि सुमन
एल्बम - पी.एम. नरेंद्र मोदी
गीतकार - प्रसून जोशी
संगीत - शशि-ख़ुशी
संगीत लेबल - टी-सीरीज़

Saugandh Mujhe Is Mitti Ki Lyrics In English


Saugandh mujhe is mitti ki
Main desh nahi mitne doonga
Yeh desh nahi mitne doonga
Yeh desh nahi jhukne doonga

Saugandh mujhe iss mitti ki
Main desh nahi mitne doonga
Main desh nahi mitne doonga

Meri dharti mujhse poochh rahi
Kab mera karz chukaoge

Mera ambar mujhse puchh raha
Kab apna dharm nibhaoge

Maine vachan diya Bharat Maa ko
Vachan diya Bharat Maa ko
Tera sheesh nahi jhukne doonga

Saugandh mujhe is mitti ki
Main desh nahi mitne doonga
Yeh desh nahi mitne doonga
Yeh desh nahi jhukne doonga

Woh jitne andhere layenge
Main utne ujale launga

Woh jitni raat badhayenge
Main utne suraj ugaunga

Iss chhal fareb ki aandhi mein
Iss chhal fareb ki aandhi mein
Yeh deep nahi bujhne doonga

Saugandh mujhe iss mitti ki
Main desh nahi mitne doonga
Yeh desh nahi mitne doonga
Yeh desh nahi jhukne doonga

Yeh desh nahi mitne doonga
Yeh desh nahi jhukne doonga
Yeh desh nahi mitne doonga
Yeh desh nahi jhukne doonga

Vande Mataram!
Vande Mataram!
Vande Maa~~~

Song - Saugandh Mujhe Iss Mitti Ki
Singer - Sukhwinder Singh, Shashi Suman
Album - PM Narendra Modi
Lyricist - Prasoon Joshi
Music - Shashi-Khushi
Music Label - T-Series
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हम भी कुछ कम नहीं हैं, हम भी कुछ करके रहेंगे - नमो, मन की बात Jan2020

April 19, 2020 0

Mann Ki Baat - PM Shri Narendra Modi

हम भी कुछ कम नहीं हैं, हम भी कुछ करके रहेंगे - नमो, मन की बात Jan2020 साथियो, दिन बदलते हैं, हफ्ते बदल जाते हैं, महीने भी बदलते हैं, साल बदल जाते हैं
हम भी कुछ कम नहीं हैं, हम भी कुछ करके रहेंगे - नमो, मन की बात Jan2020



“ साथियो, दिन बदलते हैं, हफ्ते बदल जाते हैं, महीने भी बदलते हैं, साल बदल जाते हैं, लेकिन, भारत के लोगों का उत्साह और हम भी कुछ कम नहीं हैं, हम भी कुछ करके रहेंगे. ‘Can do’, ये ‘Can do’ का भाव, संकल्प बनता हुआ उभर रहा है ”


- पीएम श्री नरेन्द्र मोदी। 

Mann Ki Baat -Jan2020


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ट्रेन की यात्रा और याद रखने योग्य दो नाम

March 17, 2020 0
Inspiring Stories in Hindi About Narendra Modi

नरेंद्र मोदी जी के कार्य को दर्शाती रेलवे यात्रा के दौरान की एक घटना Narendra Modi Story narendra modi biography
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1990 की घटना... आसाम से दो सहेलियाँ रेलवे में भर्ती हेतु गुजरात रवाना हुई. देल्ही स्टेशन पर गाडी बदलकर आगे का सफ़र उन्हें तय करना था लेकिन पहली गाड़ी में कुछ लड़को ने उनसे छेड़-छाड़ की इस वजह से अगली गाड़ी में तो कम से कम सुखद सफ़र हो यह आशा मन में रखकर भगवान से प्रार्थना करते हुए दोनों सहेलियाँ स्टेशन पर उतर गयी और भागते हुए रिजरवेशन चार्ट तक पहुंची और चार्ट देखने लगी. चार्ट देख दोनों परेशान और भयभीत हो गयी क्यों की उनका रिजर्वेशन कन्फर्म नहीं हो पाया था.

मायूस और न चाहते हुए भी उन्होंने नज़दीक खड़े TC से गाड़ी में जगह देने के लिए विनती की TC ने भी गाड़ी आने पर कोशिश करने का आश्वासन दिया... एक दूसरे को शाश्वती देते दोनों गाड़ी का इंतज़ार करने लगी आख़िरकार गाड़ी आ गयी और दोनों जैसे तैसे कर गाड़ी में एक जगह बैठ गए... अब सामने देखा तो क्या! सामने दो पुरूष बैठे थे. पिछले सफ़र में हुई बदसलूकी कैसे भूल जाती लेकिन अब वहा बैठने के अलावा कोई चारा भी नहीं था क्यों की उस डिब्बे में कोई और जगह ख़ाली भी नहीं थी। गाडी निकल चुकी थी और दोनों की निगाहें TC को ढूंढ रही थी शायद कोई दूसरी जगह मिल जाये। कुछ समय बाद गर्दी को काटते हुए TC वहा पहुँच गया और कहने लगा कही जगह नहीं और इस सीट का भी रिजर्वेशन अगले स्टेशन से हो चूका है कृपया आप अगले स्टेशन पर दूसरी जगह देख लीजिये. यह सुनते ही दोनों के पैरो तले जैसे जमीन ही खिसक गयी क्यों की रात का सफ़र जो था. गाड़ी तेज़ी से आगे बढ़ने लगी. जैसे जैसे अगला स्टेशन पास आने लगा दोनों परेशान होने लगी लेकिन सामने बैठे पुरूष उनके परेशानी के साथ भय की अवस्था बड़े बारीकी से देख रहे थे जैसे ही अगला स्टेशन आया दोनो पुरूष उठ खड़े हो गए और कहा " ठीक है हम मैनेज करेंगे " और उन्होंने तेजी से फर्श पर एक कपड़ा फैला दिया और सो गए, अब दोनों लड़कियो ने उनकी जगह पकड़ ली और गाड़ी निकल पड़ी। दोनों सहेलियाँ यह देख अचम्भित हो गयी और डर भी रही थी जिस प्रकार पिछले सफ़र में हुआ उसे याद कर डरते सहमते सो गयी... सुबह चाय वाले की आवाज़ सुन नींद खुली दोनों ने उन पुरूषों को धन्यवाद कहा तो उनमे से एक पुरूष ने कहा " बेहेन जी गुजरात में कोई मदद चाहिए हो तो जरुर बताना " ... अब दोनों सहेलियों का उनके बारे में मत बदल चूका था खुद को बिना रोके एक लड़की ने अपनी बुक निकाली और उनसे अपना नाम और संपर्क लिखने को कहा... दोनों ने अपना नाम और पता बुक में लिखा और "हमारा स्टेशन आ गया है" ऐसा कह के उतर गए और गर्दी में कही गुम हो गए !
दोनों सहेलियों ने उस बुक में लिखे नाम पढ़े वो नाम थे नरेंद्र मोदी और शंकर सिंह वाघेला...

इस लेख की लेखिका फ़िलहाल ( दिनांक 1 जुन 2014)General Manager of the centre for Railway Information System Indian Railway New Delhi में कार्यरत है और यह लेख "The Hindu " इस अंग्रेजी पेपर में  "A train journey and two names to remember " इस नाम से प्रकाशित हुआ..( दिनांक 1 जुन 2014)
तो क्या आप अब भी ये सोचते है की हमने गलत प्रधानमन्त्री चुना है?

ये कहानी पवन यादव जी ने फेसबुक पे पोस्ट की है।   

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